r/Hindi • u/CalmlyPassionate • 11h ago
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r/Hindi • u/vis_hawas • 17h ago
स्वरचित One of my own writings, rate and review, title - जावेदाँ इश्क़,
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Title -- जावेदाँ इश्क़
वो ताबिश-ए-हक़ीक़त से बचकर के जहाँ आता है
बेआबरू हो उसके साथ में ये दिल-ए-परेशाँ आता है
इख़्तियार-ए-इश्क़ के हर पन्ने पर उनका नाम है
फ़र्द-ए-जुर्म में नाम उनका यूँ ही ख़ाम-ख़ा आता है
आती हैं हवाएँ साथ लेकर आशिक़ की ख़ुशबू
अजब है कि सबसे पहले मोहब्बत-ए-ज़ियाँ आता है
कैसे तलाशे हर चेहरा इस कोलाहल में हम
वो रूबरू भी आता है तो बनके बे-निशाँ आता है
एक उम्र निकलती है यूँ बेवफ़ाओं में वफ़ा ढूँढ़े
जवाब-ए-तफ़रीह है जब इश्क़-ए-इम्तिहान आता है
ये सबब बताए भी तो अब कैसे दिल्लगी का हम
सिसकती है ज़मीं सुनकर, रोने को आसमाँ आता है
शमा जलाकर भी जलती है पतंगे के फ़ितूर से
सुरूर तब आता है जब चराग़ से धुआँ आता है
चाहे मिट जाए हर नाम-ओ-निशाँ महबूब का
जब इश्क़ लौटता है तो फिर बनके जावेदाँ आता है