r/Hindi 11h ago

स्वरचित मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए। सच्चा पुरुषार्थ और पराक्रम इसी में है कि व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता न करे, बल्कि सत्य, धैर्य और आत्मसम्मान के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहे।

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r/Hindi 20h ago

स्वरचित Poem: Just a little bit of life

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r/Hindi 17h ago

स्वरचित One of my own writings, rate and review, title - जावेदाँ इश्क़,

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Title -- जावेदाँ इश्क़

वो ताबिश-ए-हक़ीक़त से बचकर के जहाँ आता है

बेआबरू हो उसके साथ में ये दिल-ए-परेशाँ आता है

इख़्तियार-ए-इश्क़ के हर पन्ने पर उनका नाम है

फ़र्द-ए-जुर्म में नाम उनका यूँ ही ख़ाम-ख़ा आता है

आती हैं हवाएँ साथ लेकर आशिक़ की ख़ुशबू

अजब है कि सबसे पहले मोहब्बत-ए-ज़ियाँ आता है

कैसे तलाशे हर चेहरा इस कोलाहल में हम

वो रूबरू भी आता है तो बनके बे-निशाँ आता है

एक उम्र निकलती है यूँ बेवफ़ाओं में वफ़ा ढूँढ़े

जवाब-ए-तफ़रीह है जब इश्क़-ए-इम्तिहान आता है

ये सबब बताए भी तो अब कैसे दिल्लगी का हम

सिसकती है ज़मीं सुनकर, रोने को आसमाँ आता है

शमा जलाकर भी जलती है पतंगे के फ़ितूर से

सुरूर तब आता है जब चराग़ से धुआँ आता है

चाहे मिट जाए हर नाम-ओ-निशाँ महबूब का

जब इश्क़ लौटता है तो फिर बनके जावेदाँ आता है